स्वैच्छिकता पर्व पर सामाजिक जागरूकता का संदेश:
पनागर में नगर एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की सेक्टर स्तरीय बैठक आयोजित

जबलपुर | विशेष संवाददाता : मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड पनागर के अंतर्गत स्वैच्छिकता पर्व के अवसर पर सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति अभियान को गति देने के उद्देश्य से नगर एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की सेक्टर स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नवांकुर संस्था सुनहरा कल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों एवं नगर विकास समितियों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बैठक में समाज के समग्र विकास, जनभागीदारी और स्वैच्छिक सेवा की भावना को मजबूत बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नशामुक्ति एवं सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाने और विकास योजनाओं में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
स्वैच्छिकता पर्व के तहत चलेंगे विभिन्न जनजागरूकता अभियान
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला समन्वयक श्री घनश्याम रायपुरिया ने बताया कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 4 जुलाई से 12 अगस्त तक स्वैच्छिकता पर्व मनाया जा रहा है। इस अवधि में प्रदेशभर में विभिन्न सामाजिक एवं जनहित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक प्रस्फुटन ग्राम में स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, सामाजिक समरसता तथा नशामुक्ति जैसे कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा। उन्होंने सभी समिति सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को इन अभियानों से जोड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करें।
ग्रामीण विकास के लिए समितियों की भूमिका पर विशेष जोर
कार्यक्रम में उपस्थित विकासखंड समन्वयक भारत महरोलिया ने प्रस्फुटन समितियों की नियमित बैठकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समितियां केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित न रहें, बल्कि ग्राम विकास की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने समिति सदस्यों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गांव में जन सूचना केंद्र, संस्कार केंद्र एवं स्वामी विवेकानंद वाचनालय स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जाएं ताकि ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को ज्ञान एवं जागरूकता का बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि गांवों को गौ ग्राम, नशामुक्त ग्राम तथा हरित ग्राम बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। इसके साथ ही प्रत्येक प्रस्फुटन ग्राम में प्रस्फुटन वाटिका एवं नर्सरी विकसित करने का लक्ष्य भी रखा गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हरित आवरण बढ़ाया जा सके।
नशामुक्ति की शपथ के साथ समाज को सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम के दौरान स्वैच्छिकता पर्व के अवसर पर उपस्थित सभी समिति सदस्यों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।
सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, गांव एवं समाज को भी नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। इसलिए नशामुक्त समाज का निर्माण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए किया गया पौधारोपण
बैठक के समापन के पश्चात सभी पदाधिकारियों एवं समिति सदस्यों ने खेरमाई मंदिर परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया।
इस दौरान आम के पौधों का रोपण किया गया तथा सभी ने इन पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
जनभागीदारी से ही होगा समग्र विकास
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास में केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और स्वैच्छिक सहयोग भी उतना ही आवश्यक है।
यदि प्रत्येक नागरिक अपने गांव, मोहल्ले एवं समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाए तो स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिवर्तन लाया जा सकता है।
समिति सदस्यों की रही सक्रिय भागीदारी
बैठक में धर्मेंद्र कुशवाहा (नवांकुर संस्था एवं सेक्टर प्रभारी) ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की जानकारी साझा की।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में पारस दाहिया, परामर्शदाता पार्वती लोधी, सुशील सेन, रवि बोहत, ओमकार दाहिया, प्रमोद रजक, पी.एस. ठाकुर, राजेश सोनी सहित सेक्टर की सभी नगर एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और सभी प्रतिभागियों ने आगामी दिनों में स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत विभिन्न सामाजिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों को सफलतापूर्वक संचालित करने का संकल्प लिया।
पनागर में आयोजित यह सेक्टर स्तरीय बैठक केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। नशामुक्ति, स्वच्छता, पौधारोपण, ग्राम विकास तथा सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर केंद्रित यह अभियान ग्रामीण समाज को आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास माना जा रहा है। यदि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते रहे तो निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव की गति और अधिक तेज होगी।
