अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत बुजुर्गों के सम्मान और सशक्तिकरण को नई गति, देशभर में हुए विशेष कार्यक्रम
विशेष संवाददाता

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (International Day of Older Persons-2025) के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देना, सामाजिक समावेशन सुनिश्चित करना, कानूनी जागरूकता फैलाना तथा नई और पुरानी पीढ़ी के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना रहा।
लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने बताया कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आयोजित कार्यक्रमों ने न केवल बुजुर्गों की सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा दिया, बल्कि विभिन्न संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से उन्हें अधिक सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए।
वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए नई साझेदारी
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने बिड़ला ओपन माइंड्स फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाना है।
सरकार का मानना है कि निजी संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से वरिष्ठ नागरिकों तक बेहतर सेवाएं और सुविधाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती हैं।
पांच नए वरिष्ठ नागरिक गृहों का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से तमिलनाडु, महाराष्ट्र, असम, उत्तर प्रदेश और झारखंड में स्थापित पांच नए वरिष्ठ नागरिक गृहों का उद्घाटन किया गया।
इन संस्थानों के माध्यम से उन बुजुर्गों को सुरक्षित आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, देखभाल और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिन्हें पारिवारिक या आर्थिक कारणों से विशेष सहायता की आवश्यकता होती है।
सरकार का कहना है कि इससे देशभर में वृद्धजन देखभाल की संस्थागत व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
‘नैतिक पाठम’ गेम से जुड़ेगी नई और पुरानी पीढ़ी
परिवारों में पीढ़ियों के बीच संवाद और भावनात्मक संबंध मजबूत करने के उद्देश्य से विभाग ने “नैतिक पाठम” नामक एक इंटरैक्टिव शैक्षणिक गेम लॉन्च किया।
इस गेम को इस प्रकार तैयार किया गया है कि बच्चे और वरिष्ठ नागरिक एक साथ समय बिताएं, अनुभव साझा करें तथा पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को समझ सकें।
सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी को कम करने में सहायक हो सकता है।
ग्रैंडपेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग की नई पहल
शिक्षा में वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए QR कोड आधारित Grandparents-Teachers Meeting की शुरुआत की गई है।
इस पहल के माध्यम से दादा-दादी और नाना-नानी भी बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे और विद्यालयों के साथ उनका संवाद और अधिक मजबूत होगा।
देशभर में हुए अंतर-पीढ़ी संवाद कार्यक्रम
सरकार ने जबलपुर, बदायूं, छतरपुर, नवगांव, बियौरा और माउंट आबू सहित कई शहरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें युवा और वरिष्ठ नागरिकों ने एक साथ भाग लिया।
इन कार्यक्रमों में सांस्कृतिक गतिविधियां, संवाद सत्र, अनुभव साझा करने के कार्यक्रम तथा सामुदायिक सहभागिता के आयोजन किए गए, जिससे दोनों पीढ़ियों के बीच विश्वास और समझ को बढ़ावा मिला।
योग और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन
वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एस-व्यासा (S-VYASA), बेंगलुरु के सहयोग से योग सत्र और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए।
विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को नियमित योग, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाने की सलाह दी, ताकि वे स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सक्रिय जीवन जी सकें।
कानूनी अधिकारों पर जागरूकता अभियान
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के सहयोग से ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007’ पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
इसमें वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही परिवारों और समाज से अपील की गई कि वे अपने बुजुर्गों के सम्मान, देखभाल और अधिकारों की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें।
‘आराधना’ सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाया सम्मान
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर “आराधना” नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के जीवन अनुभव, समाज निर्माण में उनके योगदान और सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई
सरकार ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को सम्मान, सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सहयोग और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना है।
अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के अंतर्गत केंद्र सरकार राज्य सरकारों, स्वायत्त संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के सहयोग से एक ऐसा समावेशी तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, जहां देश का प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस कर सके।
सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि बदलते सामाजिक परिवेश में वृद्धजन बेहतर जीवन स्तर और आवश्यक सुविधाओं का लाभ उठा सकें।













