सेवा, सुशासन और कारगिल विजय गाथा की त्रिदिवसीय फोटो प्रदर्शनी का हुआ समापन
केंद्रीय संचार ब्यूरो एवं जिला प्रशासन के संयुक्त आयोजन में विद्यार्थियों ने जाना सरकारी योजनाओं का महत्व

कारगिल वीरों के शौर्य को किया नमन
जबलपुर। क्षेत्रीय संवाददाता : भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो, भोपाल द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से महाकौशल महाविद्यालय, जबलपुर में आयोजित तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकसित भारत के संकल्प, सुशासन की उपलब्धियों तथा कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान को जन-जन तक पहुंचाना था।
तीन दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, युवाओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदर्शनी में लगाए गए आकर्षक चित्रों एवं सूचना पैनलों के माध्यम से आगंतुकों को केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं, सेवा और सुशासन की उपलब्धियों तथा कारगिल विजय की गौरवगाथा से अवगत कराया गया।
चित्रों के माध्यम से दिखाई विकास और वीरता की कहानी
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण “सेवा, सुशासन के 12 वर्ष” तथा “कारगिल विजय गाथा” विषयों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी रही। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक प्रस्तुत की गई।
साथ ही कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों के अद्वितीय साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को दर्शाने वाले दुर्लभ चित्रों ने आगंतुकों को भावुक कर दिया। प्रदर्शनी में बताया गया कि किस प्रकार भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए विजय प्राप्त की।

सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला परियोजना अधिकारी रचना बोरिया ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल सेवाओं, स्वच्छता अभियान तथा सामाजिक कल्याण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही योजनाओं का सही लाभ उठा सकते हैं, इसलिए ऐसे कार्यक्रम समाज में जनजागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनते हैं।
प्रतियोगिताओं ने बढ़ाया उत्साह
तीन दिवसीय आयोजन के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें—
- प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
- रंगोली प्रतियोगिता
- भाषण प्रतियोगिता
- जागरूकता कार्यक्रम
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
प्रतिभागियों ने सेवा, सुशासन, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
गीत-नाटक दल ने दिया जनजागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय संचार ब्यूरो के गीत-नाटक दल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का संदेश जनसामान्य तक पहुंचाया। लोकगीत, नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
विद्यार्थियों ने निकाली जागरूकता रैली
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं ने सेवा और सुशासन के संदेश के साथ एक जागरूकता रैली भी निकाली। रैली के माध्यम से नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने तथा राष्ट्रहित में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
समापन समारोह में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक एवं महाकौशल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी, अतुल पांडे, प्रो. अरुण शुक्ल, प्रो. ए.सी. तिवारी तथा डॉ. ज्योति जुनगरे सहित अनेक शिक्षाविद् एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी तथा सकारात्मक नागरिकता की भावना विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं अतुल पांडे ने कहा कि फोटो प्रदर्शनी जनसामान्य तक सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय उपलब्धियों को सरल एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और ऐसे कार्यक्रम उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
जनजागरूकता का प्रभावी मंच बनी प्रदर्शनी
तीन दिवसीय यह आयोजन केवल एक फोटो प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जनजागरूकता, राष्ट्रभक्ति, सुशासन और विकास के संदेश को समाज तक पहुंचाने का प्रभावी मंच बनकर उभरा। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और नागरिकों की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

