
मसालेदार और लज़ीज़ व्यंजनों की बात हो, तो भारतीय मसाला फिश करी का नाम जरूर आता है। यह डिश अपनी तीखी, चटपटी और खुशबूदार ग्रेवी के लिए जानी जाती है, जिसमें ताज़ी मछली और देसी मसालों का मेल होता है। यह करी भारतीय तटीय क्षेत्रों में खासतौर पर लोकप्रिय है और हर राज्य में इसे अलग-अलग तरीके से बनाया जाता है। आइए, इस स्वादिष्ट रेसिपी को बनाना सीखें और इसके ऐतिहासिक पहलू को भी समझें।
मसाला फिश करी का इतिहास
मछली और मसालों का मेल भारत में प्राचीन काल से मौजूद है। भारतीय तटीय राज्यों—केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गोवा और तमिलनाडु में सदियों से मछली करी बनाई जाती रही है। केरल की “मीन मोइली,” बंगाल की “माछेर झोल” और महाराष्ट्र की “सुरमई करी” जैसी डिशेस फिश करी के विविध रूप हैं।
ऐसा माना जाता है कि समुद्री व्यापार और विदेशी व्यापारियों (अरब, पुर्तगाली और डच) के आगमन से भारतीय करी को नया रूप मिला। खासकर गोवा और केरल में पुर्तगाली प्रभाव के कारण कुछ विशेष मसालों और नारियल के इस्तेमाल को बढ़ावा मिला।
मसाला फिश करी रेसिपी
सामग्री:
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500 ग्राम ताज़ी मछली (रहु, सुरमई या कोई भी पसंदीदा मछली)
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2 बड़े चम्मच सरसों का तेल या नारियल तेल
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1 बड़ा प्याज (बारीक कटा हुआ)
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2 टमाटर (बारीक कटे हुए)
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1 बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट
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1 हरी मिर्च (कटी हुई)
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1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
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1 बड़ा चम्मच धनिया पाउडर
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1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
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1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला
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1 कप नारियल का दूध (वैकल्पिक)
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1 छोटा चम्मच इमली का पेस्ट (या नींबू का रस)
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स्वादानुसार नमक
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ताज़ा हरा धनिया सजाने के लिए
बनाने की विधि:
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मछली को मैरीनेट करें – मछली के टुकड़ों को हल्दी, नमक और नींबू के रस के साथ मिलाकर 15 मिनट तक रख दें।
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तेल गरम करें – एक पैन में सरसों का तेल गरम करें और उसमें प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
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मसाले भूनें – अब इसमें अदरक-लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर भूनें।
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टमाटर डालें – कटे हुए टमाटर डालकर अच्छे से मिलाएं और तब तक पकाएं जब तक टमाटर नरम न हो जाएं।
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ग्रेवी तैयार करें – इसमें नारियल का दूध या थोड़ा पानी डालें और 5-7 मिनट तक पकने दें।
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मछली डालें – अब मैरीनेट की हुई मछली को ग्रेवी में डालें और धीमी आंच पर 10-12 मिनट तक पकाएं।
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अंतिम स्वाद – इसमें इमली का पेस्ट डालें, गरम मसाला मिलाएं और 2-3 मिनट और पकाएं।
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सजावट करें – तैयार करी को ताज़े हरे धनिए से गार्निश करें और गरमा-गरम चावल या रोटी के साथ परोसें।
निष्कर्ष
मसाला फिश करी सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध खानपान संस्कृति की पहचान है। यह डिश न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी है, क्योंकि इसमें प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं। अगर आप भारतीय मसालों और समुद्री स्वाद का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो इस रेसिपी को ज़रूर आज़माएं!