
भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात की रसोई में अनेक प्रकार के स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन पाए जाते हैं। इन्हीं में से एक प्रसिद्ध और लाजवाब व्यंजन है – खमण ढोकला। यह एक ऐसा व्यंजन है जो न केवल गुजराती लोगों के दिलों में बसा हुआ है, बल्कि आज पूरे भारत में बड़े चाव से खाया जाता है। इसका स्पंजी टेक्सचर, हलका खट्टा-मीठा स्वाद और हेल्दी नेचर इसे खास बनाता है।
खमण ढोकला का इतिहास
खमण ढोकला की शुरुआत गुजरात से मानी जाती है। पारंपरिक रूप से ढोकला एक किण्वित (fermented) व्यंजन है जो चने की दाल और चावल से बनता है। लेकिन समय के साथ, इसमें विविधताएं आईं और खमण, जो मुख्य रूप से बेसन (चना आटा) से बनता है, एक अलग रूप में उभरा।
खमण और ढोकला दो अलग व्यंजन हैं, लेकिन अक्सर आम भाषा में दोनों को एक जैसा समझ लिया जाता है। खमण हल्का, नरम, और अधिक पीला होता है क्योंकि इसमें हल्दी और इनो या सोडा डाला जाता है, जो इसे फूला हुआ और स्पंजी बनाता है। पहले यह व्यंजन खास मौके पर ही बनाया जाता था, लेकिन अब यह रोज़ाना के नाश्ते या स्नैक के रूप में लोकप्रिय हो गया है।
खमण ढोकला बनाने की विधि
आवश्यक सामग्री:
सामग्री | मात्रा |
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बेसन (चना आटा) | 1 कप |
दही | 1/2 कप (फेंटा हुआ) |
नींबू का रस | 1 टेबल स्पून |
अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट | 1 टीस्पून |
हल्दी पाउडर | 1/4 टीस्पून |
चीनी | 1 टेबल स्पून |
नमक | स्वादानुसार |
इनो फ्रूट सॉल्ट | 1 टीस्पून |
पानी | आवश्यकता अनुसार |
तड़के के लिए:
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राई (सरसों) – 1 टीस्पून
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हरी मिर्च – 2-3 (लंबाई में कटी हुई)
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करी पत्ता – 8-10
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तिल – 1 टीस्पून
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तेल – 2 टेबल स्पून
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चीनी – 1 टीस्पून
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नींबू का रस – 1 टीस्पून
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पानी – 1/4 कप
विधि:
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बैटर तैयार करना:
एक बाउल में बेसन, दही, नींबू का रस, अदरक-हरी मिर्च पेस्ट, हल्दी, नमक और चीनी डालें। थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा लेकिन बहने योग्य घोल तैयार करें। इसे 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें। -
स्टीम करना:
एक ग्रीस की हुई थाली या ढोकला ट्रे लें। अब बैटर में इनो फ्रूट सॉल्ट डालें और तुरंत अच्छे से फेंटें। बैटर फूल जाएगा। तुरंत इसे ट्रे में डालें और पहले से गरम स्टीमर में 15-20 मिनट तक पकाएं। -
तड़का लगाना:
एक पैन में तेल गरम करें, उसमें राई, तिल, हरी मिर्च, और करी पत्ता डालें। जब चटकने लगे, तब उसमें 1/4 कप पानी, नींबू का रस और चीनी मिलाएं। यह तड़का ठंडा होने के बाद तैयार ढोकला पर डालें। -
परोसना:
ढोकले को ठंडा होने दें, फिर चौकोर टुकड़ों में काटें और तड़का ऊपर से डालें। हरा धनिया और नारियल से सजाएं। नारियल की चटनी या हरी चटनी के साथ परोसें।
स्वास्थ्य के लिए लाभदायक
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खमण ढोकला स्टीम किया गया व्यंजन है, जिससे इसमें तेल की मात्रा कम होती है।
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बेसन प्रोटीन से भरपूर होता है।
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यह पचने में आसान होता है और नाश्ते के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
🔚 निष्कर्ष
खमण ढोकला सिर्फ एक व्यंजन नहीं है, यह गुजरात की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। इसका स्वाद, सरलता और पौष्टिकता इसे भारत के हर कोने में लोकप्रिय बनाते हैं। अगली बार जब कुछ हल्का-फुल्का और स्वादिष्ट खाने का मन हो, तो खमण ढोकला जरूर आज़माएं!