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अर्थव्यवस्था

INDIAWOOD 2026 का भव्य आगाज़, उद्योग जगत में उत्साह

संपादकीय

नई दिल्ली / बेंगलुरु। भारत के लकड़ी प्रसंस्करण और फर्नीचर निर्माण उद्योग के लिए बहुप्रतीक्षित आयोजन INDIAWOOD 2026 का पहला दिन जबरदस्त उत्साह और वैश्विक भागीदारी के साथ शुरू हुआ। नूर्नबर्गमेसे इंडिया द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी ने पहले ही दिन यह स्पष्ट कर दिया कि यह संस्करण अपने इतिहास के सबसे गतिशील और प्रभावशाली आयोजनों में से एक बनने जा रहा है।

प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन प्रतिष्ठित उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हुआ, जिसने इस मंच की वैश्विक महत्ता को और भी सुदृढ़ किया। उद्घाटन समारोह में यूरोपीय वुडवर्किंग मशीनरी संघ ‘eumabois’ के अध्यक्ष फ्रेडरिक मेयर, बेंगलुरु स्थित जर्मन महावाणिज्य दूतावास की उप महावाणिज्यदूत एनेट बेसलर, इटालियन ट्रेड एजेंसी की सहायक व्यापार आयुक्त सबरीना मंगियालावोरी, हाफेले के प्रबंध निदेशक फ्रैंक श्लोडर, हेट्टिच के प्रबंध निदेशक आंद्रे एकहोल्ट, वुडटेक के प्रबंध निदेशक गोपी तीर्थगिरि, जय इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक निरव शाह, स्टेनली लाइफस्टाइल्स के प्रबंध निदेशक वेंकटरमण गोर्टी, बिएसे के सेल्स एवं बिजनेस डेवलपमेंट निदेशक सौमा रे तथा नूर्नबर्गमेसे इंडिया की प्रबंध निदेशक एवं बोर्ड की अध्यक्ष सोनिया प्रशर शामिल रहीं।

इन सभी की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि भारत का वुडवर्किंग और फर्नीचर निर्माण क्षेत्र अब वैश्विक सहयोग और निवेश का केंद्र बन चुका है।


85,000 वर्गमीटर में फैला उद्योग का महाकुंभ

यह भव्य आयोजन बेंगलुरु स्थित Bangalore International Exhibition Centre (BIEC) में आयोजित किया गया है। लगभग 85,000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैली इस प्रदर्शनी में 50 से अधिक देशों के 1,000 से अधिक अग्रणी ब्रांड भाग ले रहे हैं।

पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में 500 से अधिक उत्पाद लॉन्च और लाइव डेमोंस्ट्रेशन निर्धारित किए गए हैं। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष 90,000 से अधिक व्यापारिक आगंतुकों के शामिल होने की संभावना है। यह आंकड़ा स्वयं इस बात का प्रमाण है कि एशिया में वुडवर्किंग और फर्नीचर उत्पादन उद्योग के लिए यह प्रदर्शनी सबसे व्यापक सोर्सिंग और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बन चुकी है।


नवाचार और तकनीक का शक्तिशाली आरंभ

पहले दिन से ही प्रदर्शनी में भारी भीड़ और जीवंत व्यावसायिक गतिविधियां देखने को मिलीं। देश-विदेश से आए फर्नीचर निर्माता, मॉड्यूलर किचन उत्पादक, सॉ मिल संचालक, पैनल और बोर्ड निर्माता, फिटिंग एवं कंपोनेंट सप्लायर, आर्किटेक्ट, बिल्डर और इंटीरियर डिजाइनर बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

आगंतुकों ने अत्याधुनिक वुडवर्किंग मशीनरी, हाई-प्रिसीजन CNC सिस्टम, स्मार्ट ऑटोमेशन तकनीक, अगली पीढ़ी की सरफेस टेक्नोलॉजी, नवीनतम फिनिशिंग समाधान, टिकाऊ और प्रमाणित लकड़ी सामग्री तथा डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म का अवलोकन किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योग में प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अब ऑटोमेशन और डिजिटलीकरण अनिवार्य हो चुका है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित रोबोटिक्स आधारित उत्पादन प्रणाली और डेटा-ड्रिवन मैन्युफैक्चरिंग मॉडल ने आगंतुकों को भविष्य की झलक दिखाई।


भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

उद्घाटन समारोह में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक फर्नीचर और लकड़ी आधारित निर्माण परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

भारत में घरेलू खपत में तेजी से वृद्धि, निर्यात में विस्तार और विदेशी निवेश में बढ़ोतरी ने देश को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसी पहलों ने उद्योग को नई दिशा दी है।

उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि भारत की युवा कार्यबल, बढ़ती शहरी आबादी और रियल एस्टेट सेक्टर के विस्तार ने फर्नीचर और इंटीरियर समाधान की मांग को बढ़ाया है। साथ ही, भारतीय निर्माता अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाकर वैश्विक बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।


आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण की नई लहर

वक्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिकरण, मशीनीकरण और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अब उद्योग की अनिवार्य आवश्यकता बन चुके हैं।

ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उत्पादन प्रणाली लागत कम करने, गुणवत्ता बढ़ाने और उत्पादन क्षमता को विस्तार देने में अहम भूमिका निभा रही है।

डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया, स्मार्ट फैक्ट्री मॉडल और क्लाउड-आधारित मैन्युफैक्चरिंग सॉल्यूशंस ने उद्योग को नई प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में जो कंपनियां तकनीकी निवेश को प्राथमिकता देंगी, वही बाजार में टिक पाएंगी।


सतत विकास पर विशेष जोर

INDIAWOOD 2026 में इस वर्ष सतत विकास (Sustainability) को भी प्रमुखता दी गई है। पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन प्रक्रियाएं, प्रमाणित लकड़ी समाधान, रीसाइक्लेबल सामग्री और ऊर्जा दक्ष मशीनरी को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।

विश्व स्तर पर बढ़ती पर्यावरणीय चिंताओं के बीच भारतीय उद्योग भी हरित प्रौद्योगिकी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदर्शनी में प्रस्तुत कई मशीनें ऊर्जा की खपत कम करने और अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने में सक्षम हैं।


समानांतर आयोजन से उद्योग को व्यापक दृष्टिकोण

INDIAWOOD के साथ-साथ INDIA MATTRESSTECH + UPHOLSTERY SUPPLIES EXPO (IME) का आयोजन भी किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी गद्दा निर्माण तकनीकों और अपहोल्स्ट्री समाधान के लिए एक प्रमुख सोर्सिंग प्लेटफॉर्म है।

दोनों आयोजनों के एक साथ होने से आगंतुकों को संपूर्ण वैल्यू चेन का व्यापक दृष्टिकोण मिलता है—कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक। इस तालमेल से उद्योग में नवाचार और सहयोग की नई संभावनाएं खुलती हैं।


व्यापारिक साझेदारियों के नए अवसर

पहले दिन कई कंपनियों ने नए व्यापारिक समझौते और साझेदारियों की घोषणा की। अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स और भारतीय कंपनियों के बीच तकनीकी सहयोग, संयुक्त उपक्रम और वितरण समझौते किए गए।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मंच उद्योग को वैश्विक नेटवर्किंग और दीर्घकालिक व्यापारिक संबंधों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं।


लाइव डेमोंस्ट्रेशन और ज्ञानवर्धक सत्र

पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में लाइव मशीन डेमोंस्ट्रेशन, तकनीकी कार्यशालाएं और उद्योग-विशेष फोरम आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में विशेषज्ञ उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत प्रबंधन, गुणवत्ता सुधार और निर्यात रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।

आगंतुकों को न केवल नई तकनीक देखने का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें उद्योग के अग्रणी विशेषज्ञों से सीधे संवाद का मौका भी मिलेगा।


निर्यात और निवेश के नए द्वार

INDIAWOOD 2026 ने विदेशी निवेशकों का भी ध्यान आकर्षित किया है। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने या विस्तार करने में रुचि दिखाई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की लागत प्रतिस्पर्धा, कुशल श्रमबल और तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा विदेशी निवेश के लिए आकर्षक वातावरण प्रदान करता है।

फर्नीचर निर्यात में वृद्धि के साथ भारत वैश्विक बाजार में चीन और अन्य एशियाई देशों के विकल्प के रूप में उभर रहा है।


उद्योग के भविष्य की दिशा

INDIAWOOD 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उद्योग के भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच बन चुका है। यहां प्रस्तुत तकनीक और विचार आने वाले वर्षों में उत्पादन, डिजाइन और बाजार रणनीति को प्रभावित करेंगे।

आयोजकों का कहना है कि आने वाले दिनों में और अधिक उत्पाद लॉन्च, नवाचार और उद्योग-केन्द्रित चर्चाएं देखने को मिलेंगी।

यह आयोजन स्पष्ट संकेत देता है कि भारत का लकड़ी और फर्नीचर उद्योग वैश्विक मंच पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।


पहले ही दिन की अभूतपूर्व सफलता ने यह साबित कर दिया है कि INDIAWOOD 2026 उद्योग जगत के लिए कितना महत्वपूर्ण मंच है।

नवाचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सतत विकास और डिजिटल परिवर्तन के समन्वय के साथ यह आयोजन भारत को वैश्विक फर्नीचर और वुडवर्किंग उद्योग में अग्रणी स्थान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आने वाले दिनों में यह प्रदर्शनी न केवल व्यापारिक अवसरों को बढ़ाएगी, बल्कि भारतीय उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी।

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