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खेल

महाराजा सवाई मान सिंह पोलो कप 2026: ऐतिहासिक जीत, 7–5 से ऑप्टीमस अचीवर्स चैंपियन

संपादकीय

जयपुर- राजस्थान : जयपुर की शाही फिजाओं में एक बार फिर विरासत, खेल और आधुनिक विलासिता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब #PoloInThePinkCity के चौथे सीज़न का भव्य समापन द लीला महाराजा सवाई मान सिंह पोलो कप 2026 के साथ हुआ। 7 फरवरी से शुरू हुए इस विशेष आयोजन ने दो दिनों तक गुलाबी नगरी को शाही अंदाज़, खेल भावना और सांस्कृतिक वैभव से सराबोर रखा।

एंबर टैरेस पर शाही आगाज़

सीज़न की शुरुआत 7 फरवरी को द लीला पैलेस जयपुर के नव-प्रारंभित रूफटॉप डेस्टिनेशन ‘द एंबर टैरेस’ में आयोजित प्री-फिनाले गाला डिनर से हुई। अरावली की पहाड़ियों के मनमोहक दृश्य के बीच सजे इस विशेष आयोजन ने मेहमानों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया। एंबर टैरेस की विशिष्ट ‘रूट-टू-फ्रूट’ कॉकटेल और पाक-दर्शन (कुलिनरी फिलॉसफी) ने शाम को खास बना दिया, जहां हर व्यंजन और पेय में प्रकृति, परंपरा और आधुनिक प्रस्तुति का संतुलन दिखाई दिया।

यह आयोजन केवल एक रात्रिभोज नहीं था, बल्कि जयपुर के सांस्कृतिक परिदृश्य, फैशन और कला जगत की प्रमुख हस्तियों का संगम था। प्रसिद्ध गायिका मानसी स्कॉट, डिजाइनर निखिल मेहरा, विज्ञापन फिल्म निर्देशक प्रह्लाद कक्कड़, अभिनेता एवं कंटेंट क्रिएटर मोनिका वासवानी और अभिनेता चयन चोपड़ा जैसे जाने-माने नाम इस शाम का हिस्सा बने। उनकी उपस्थिति ने इस सप्ताहांत को और अधिक प्रतिष्ठित बना दिया, जो शान और उत्सुकता से परिभाषित था—#PoloInThePinkCity की पहचान।

पोलो मैदान में रोमांच

8 फरवरी को आयोजन का केंद्र राजस्थान पोलो क्लब का ऐतिहासिक मैदान बना। फाइनल मुकाबले से पहले एक रोमांचक प्रदर्शनी मैच खेला गया, जिसमें द लीला पोलो टीम और जिंदल पोलो टीम आमने-सामने थीं। इस मुकाबले में द लीला पोलो टीम ने 4–3 के करीबी अंतर से जीत दर्ज की।

द लीला पोलो टीम के कप्तान और ‘आइकन ऑफ इंडिया’ सवाई पद्मनाभ सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे। उनके साथ राव हिम्मत सिंह बेदला ने भी दो गोल कर टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैदान पर उनकी रणनीति, गति और सटीकता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

ग्रैंड फिनाले का रोमांच

दिन का मुख्य आकर्षण 4-चुक्कर द लीला महाराजा सवाई मान सिंह पोलो कप 2026 का फाइनल मुकाबला था। यह खिताबी जंग टीम ऑप्टीमस अचीवर्स और टीम वी पोलो के बीच खेली गई। दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल भावना और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया।

करीबी मुकाबले में टीम ऑप्टीमस अचीवर्स ने 7–5 के अंतिम स्कोर के साथ खिताब अपने नाम किया। हर चुक्कर के साथ मैच में रोमांच बढ़ता गया और दर्शकों की उत्सुकता चरम पर पहुंची। अंततः टीम ऑप्टीमस अचीवर्स ने संयम, आक्रामकता और सामूहिक तालमेल के दम पर जीत हासिल कर चौथे सीज़न का शानदार समापन किया।

विरासत और विलासिता का संगम

इस अवसर पर द लीला पैलेसेस, होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग भटनागर ने कहा, “द लीला महाराजा सवाई मान सिंह पोलो कप भारत की शाही खेल विरासत को सम्मान देने की हमारी सतत प्रतिबद्धता का प्रतीक है। राजस्थान पोलो क्लब के साथ इस साझेदारी के चौथे सीज़न के समापन पर यह विशेष रूप से अर्थपूर्ण है कि यह यात्रा द लीला पैलेस जयपुर के पुनर्परिकल्पित स्वरूप और एंबर टैरेस के अनावरण के साथ आगे बढ़ रही है। ये स्थान हमारे उस विकास को दर्शाते हैं, जहां हम संस्कृति, शिल्प और आतिथ्य की जड़ों से जुड़े रहते हुए निरंतर आगे बढ़ते हैं।”

लक्ज़री साझेदारों की भागीदारी

इस आयोजन को और भव्य बनाने में बीएमडब्ल्यू एक्सीलेंस क्लब ने लक्ज़री मोबिलिटी पार्टनर के रूप में और हिबिकी व्हिस्की ने सेलिब्रेशन पार्टनर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन दोनों ब्रांडों की मूल भावना—शिल्पकला, सटीकता और उत्कृष्ट अनुभव—द लीला की विचारधारा से सहज रूप से मेल खाती है।

बीएमडब्ल्यू इंडिया के निदेशक (मार्केटिंग) वीतेश बारार ने कहा, “हम बीएमडब्ल्यू एक्सीलेंस क्लब के माध्यम से द लीला महाराजा सवाई मान सिंह पोलो कप के साथ साझेदारी कर गर्व महसूस कर रहे हैं। पोलो, ठीक बीएमडब्ल्यू की तरह, विरासत, शालीनता और प्रदर्शन का प्रतीक है। यह आयोजन परंपरा और आधुनिकता के सुंदर संगम को दर्शाता है, जो बीएमडब्ल्यू की तकनीक और कालातीत उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है।”

वहीं, द हाउस ऑफ सनटोरी की कैटेगरी मैनेजर रोहिणी मेनेज़ेस ने कहा, “महाराजा पोलो कप विरासत और आधुनिक विलासिता का दुर्लभ संगम है—एक ऐसा वातावरण जहां हिबिकी स्वयं को सहज महसूस करता है। इस साझेदारी के माध्यम से हिबिकी केवल एक व्हिस्की नहीं, बल्कि संतुलन, शिल्प और समय की अभिव्यक्ति बनकर सामने आता है। ये ऐसे क्षण हैं जिन्हें खरीदा नहीं जा सकता, केवल अनुभव किया जा सकता है।”

शाही खेल का संरक्षक

चौथे सीज़न के समापन के साथ यह आयोजन एक बार फिर इस बात का प्रमाण बन गया कि द लीला शाही खेल पोलो का एक सच्चा संरक्षक है। यह केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव है, जहां विरासत, खेल और आधुनिक विलासिता सहज गरिमा के साथ एक-दूसरे में घुलमिल जाते हैं।

जयपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, अरावली की शांत पहाड़ियां और राजसी वातावरण इस आयोजन को एक विशिष्ट पहचान देते हैं। #PoloInThePinkCity ने एक बार फिर यह साबित किया कि जब परंपरा और आधुनिकता का संतुलित संगम होता है, तो वह केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक यादगार अनुभव बन जाता है।

द लीला महाराजा सवाई मान सिंह पोलो कप 2026 का यह संस्करण न केवल खेल प्रेमियों के लिए, बल्कि कला, संस्कृति और विलासिता के पारखियों के लिए भी एक प्रेरणादायक अध्याय बनकर सामने आया। जैसे ही चौथे सीज़न का परदा गिरा, यह स्पष्ट हो गया कि यह आयोजन आने वाले वर्षों में और अधिक ऊंचाइयों को छुएगा—जहां हर बार जयपुर की गुलाबी आभा में शाही खेल की नई कहानी लिखी जाएगी।

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