धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट द्वारा चिरकुंडा में मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
संपादकीय

चिरकुंडा:- महिलाओं के स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट द्वारा मई 2025 में चिरकुंडा, धनबाद में एक महत्वपूर्ण मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 50 महिलाओं और किशोरियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, स्वच्छता के महत्व को समझाना और सुरक्षित सैनिटरी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना था।
आज भी कई क्षेत्रों में मासिक धर्म को लेकर सामाजिक झिझक और गलत धारणाएं मौजूद हैं। जानकारी के अभाव और सामाजिक संकोच के कारण महिलाएं अपने स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर बात नहीं कर पातीं। इसी स्थिति को बदलने के लिए धनसृष्टिभविष्य निधि ट्रस्ट ने यह पहल की।
कार्यक्रम की शुरुआत मासिक धर्म की जैविक प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाने से हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक और सामान्य प्रक्रिया है, जिसे किसी प्रकार की शर्म या अपवित्रता से जोड़ना गलत है। महिलाओं और किशोरियों को यह समझाया गया कि सही जानकारी और स्वच्छता के माध्यम से वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकती हैं।
सत्र के दौरान मासिक धर्म के समय व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के तरीकों पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि सैनिटरी पैड या अन्य स्वच्छ उत्पादों का नियमित उपयोग करना और उन्हें समय-समय पर बदलना संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक है। सैनिटरी पैड के सही उपयोग और सुरक्षित निपटान की जानकारी भी दी गई।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता में लापरवाही बरतने से मूत्र मार्ग संक्रमण, त्वचा संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं। महिलाओं को सलाह दी गई कि यदि उन्हें अत्यधिक दर्द, अनियमितता या अन्य समस्याएं महसूस हों तो वे चिकित्सकीय परामर्श लेने में संकोच न करें।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सामाजिक मिथकों और कुप्रथाओं पर चर्चा रहा। कई महिलाओं ने साझा किया कि मासिक धर्म के दौरान उन्हें कुछ धार्मिक या सामाजिक गतिविधियों से दूर रखा जाता है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि मासिक धर्म के दौरान किसी भी प्रकार का भेदभाव वैज्ञानिक दृष्टि से उचित नहीं है। इस प्रकार की जागरूकता महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने खुलकर अपने सवाल पूछे। कई किशोरियों ने बताया कि उन्हें पहले इस विषय पर सही जानकारी नहीं मिली थी। कार्यक्रम ने उन्हें खुलकर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया।
इस पहल के अंतर्गत सभी 50 प्रतिभागियों को सैनिटरी पैड वितरित किए गए ताकि वे सुरक्षित और स्वच्छ उत्पादों का उपयोग कर सकें। साथ ही, मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित पढ़ने की सामग्री भी वितरित की गई, जिससे वे भविष्य में भी इन जानकारियों का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में पोषण के महत्व पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान आयरन युक्त आहार, पर्याप्त पानी और संतुलित भोजन का सेवन आवश्यक है। इससे कमजोरी और थकान को कम किया जा सकता है।
प्रतिभागियों के लिए एक समय के भोजन और चाय-नाश्ते की व्यवस्था भी की गई, जिससे कार्यक्रम का वातावरण सहज और सकारात्मक बना रहा।
धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य और सम्मान समाज के विकास का आधार है। मासिक धर्म स्वच्छता पर खुलकर चर्चा करना और सही जानकारी देना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और बताया कि उन्हें इस पहल से बहुत लाभ मिला है। कई प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की मांग की।
चिरकुंडा में आयोजित यह मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य, सम्मान और समानता की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।












