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झारखण्ड

धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, वित्तीय समावेशन होगा मुख्य लक्ष्य

संपादकीय

धनबाद : आज  धनसृष्टि भविष्य निधि कॉरपोरेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री भुवनेश्वर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे और विभिन्न अहम मुद्दों पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया।

बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन की भावी कार्ययोजना, कानूनी संरचना में बदलाव तथा समाज के व्यापक हित में नई पहल को लेकर निर्णय लेना था। गहन चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि “धनसृष्टि भविष्य निधि कॉरपोरेशन” का नाम बदलकर अब “धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट” रखा जाए। इस प्रस्ताव का सभी सदस्यों ने समर्थन किया और इसे संगठन के भविष्य के लिए एक सकारात्मक एवं आवश्यक कदम बताया।

ट्रस्ट के रूप में पुनर्गठन का निर्णय

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नए स्वरूप में संस्था को एक विधिवत पंजीकृत ट्रस्ट के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए भारतीय चैरिटेबल ट्रस्ट अधिनियम, 1882 (Indian Charitable Trust Act, 1882) के अंतर्गत सभी आवश्यक नियमों एवं कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पंजीकरण कराया जाएगा।

अध्यक्ष श्री भुवनेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रस्ट के रूप में पंजीकरण से संस्था को अधिक पारदर्शिता, वैधानिक मान्यता तथा समाजसेवा के क्षेत्र में व्यापक कार्य करने की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संगठित और सशक्त करने के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय मंच की आवश्यकता है, जिसे ट्रस्ट के रूप में स्थापित कर बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

नए पदाधिकारियों के नामों का प्रस्ताव

बैठक में नए ट्रस्ट के संचालन हेतु पदाधिकारियों के नामों का भी प्रस्ताव रखा गया। सर्वसम्मति से निम्नलिखित नाम प्रस्तावित किए गए—

  • अध्यक्ष (President): श्री समीर कुमार सिंह

  • सचिव (Secretary): श्रीमती सरिता सिंह

  • कोषाध्यक्ष (Treasurer): अन्नपूर्णा देवी

इन नामों पर उपस्थित सभी सदस्यों ने सहमति जताई और उन्हें ट्रस्ट के भविष्य के नेतृत्व के लिए उपयुक्त बताया।

श्री समीर कुमार सिंह को अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित करते हुए सदस्यों ने कहा कि उनके पास संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी का लंबा अनुभव है। श्रीमती सरिता सिंह को सचिव पद के लिए उनकी प्रशासनिक दक्षता और अनुशासित कार्यशैली को देखते हुए चुना गया। वहीं अन्नपूर्णा देवी को कोषाध्यक्ष पद के लिए उनकी ईमानदारी, वित्तीय अनुशासन और सामाजिक विश्वसनीयता के आधार पर प्रस्तावित किया गया।

वित्तीय समावेशन रहेगा मुख्य फोकस

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि “धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट” का विशेष प्रोजेक्ट वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) पर केंद्रित रहेगा। ट्रस्ट का उद्देश्य समाज के उन वर्गों तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं पहुंचाना होगा जो अब तक औपचारिक वित्तीय प्रणाली से वंचित रहे हैं।

इस विशेष परियोजना के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी—

  1. जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप (Joint Liability Group) का गठन:
    छोटे किसानों, श्रमिकों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को समूह के रूप में संगठित कर उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

  2. क्रेडिट लिंकेज (Credit Linkage):
    स्वयं सहायता समूहों एवं संयुक्त देयता समूहों को बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से जोड़कर उन्हें ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

  3. माइक्रो सेविंग (Micro Saving):
    छोटे-छोटे बचत खातों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों में बचत की आदत को बढ़ावा दिया जाएगा।

  4. माइक्रो इंश्योरेंस (Micro Insurance):
    कम प्रीमियम पर बीमा योजनाओं के माध्यम से कमजोर वर्गों को सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा।

  5. माइक्रो फाइनेंस (Micro Finance):
    स्वरोजगार, लघु उद्यम और महिला सशक्तिकरण के लिए छोटे ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि वित्तीय समावेशन न केवल आर्थिक विकास का आधार है, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि समाज का अंतिम व्यक्ति भी बैंकिंग और वित्तीय सुविधाओं से जुड़ता है, तो गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ट्रस्ट की सभी गतिविधियां पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालित की जाएंगी। प्रत्येक वित्तीय लेन-देन का उचित लेखा-जोखा रखा जाएगा और समय-समय पर सदस्यों को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

अध्यक्ष ने कहा कि ट्रस्ट का मूल उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों को सशक्त बनाना है। इसलिए ट्रस्ट की कार्यशैली सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी पर आधारित होगी।

सदस्यों की सक्रिय भागीदारी

बैठक में अनीता कुमारी, लॉवलिन भाकला सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने सुझाव दिए और ट्रस्ट के गठन के निर्णय का स्वागत किया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि यह परिवर्तन संगठन को एक नई दिशा देगा और समाज में उसकी विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा।

अनीता कुमारी ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए माइक्रो फाइनेंस और जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप की पहल अत्यंत उपयोगी साबित होगी। वहीं लॉवलिन भाकला ने ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया।

भविष्य की कार्ययोजना

बैठक के अंत में यह तय किया गया कि पंजीकरण प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी और आवश्यक दस्तावेजों को तैयार कर संबंधित विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, आगामी तीन महीनों के भीतर वित्तीय समावेशन से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

ट्रस्ट के माध्यम से वित्तीय साक्षरता शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि लाभार्थियों को योजनाओं की पूरी जानकारी मिल सके।

धनसृष्टि भविष्य निधि कॉरपोरेशन का नाम बदलकर धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट करने का निर्णय संगठन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह कदम संस्था को कानूनी रूप से सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने के मिशन को नई गति देगा।

बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और अंत में अध्यक्ष ने सभी सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया। सभी ने एकजुट होकर ट्रस्ट के उद्देश्यों को सफल बनाने का संकल्प लिया।

इस प्रकार, 05 अप्रैल 2025 का यह दिन धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा, जो वित्तीय समावेशन और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है।

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