
धनबाद: शहर के गोल्फ ग्राउंड में बंगाल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित पुस्तक मेला इन दिनों लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस मेले में विभिन्न विषयों से जुड़ी सैकड़ों किताबें, साहित्यिक कृतियां, प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री और बच्चों की किताबें एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं। पुस्तक प्रेमियों के लिए यह मेला किसी उत्सव से कम नहीं है।
मेले में हर दिन बड़ी संख्या में छात्र, युवा और स्थानीय नागरिक पहुंच रहे हैं। खासकर छात्रों में इस मेले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई खरीदारों ने बताया कि यहां उन्हें बाजार से कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता की किताबें मिल रही हैं। कुछ लोगों ने इसे अपने ज्ञान को बढ़ाने और नई-नई किताबों से जुड़ने का बेहतरीन अवसर बताया।
मेले में मौजूद स्टॉल्स पर अलग-अलग प्रकाशकों और विक्रेताओं की किताबें सजी हुई हैं, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। साहित्य, उपन्यास, इतिहास, धार्मिक ग्रंथ, मोटिवेशनल किताबें और शैक्षणिक सामग्री की अच्छी खासी रेंज यहां देखने को मिल रही है। बच्चों के लिए भी विशेष तौर पर कॉमिक्स और एजुकेशनल किताबों की व्यवस्था की गई है, जिससे अभिभावक भी काफी खुश नजर आए।
हालांकि, इस मेले के सामने एक बड़ी समस्या भी उभरकर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने विक्रेताओं की चिंता बढ़ा दी है। कई स्टॉल्स में बारिश का पानी घुसने के कारण किताबों को नुकसान पहुंचा है। कुछ विक्रेताओं ने बताया कि नमी और पानी की वजह से कई किताबें खराब हो गई हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विक्रेताओं का कहना है कि बारिश के कारण ग्राहकों की संख्या में भी थोड़ी कमी आई है, जिससे बिक्री प्रभावित हुई है। हालांकि, इसके बावजूद वे उम्मीद बनाए हुए हैं कि मौसम साफ होने के बाद स्थिति में सुधार होगा और बिक्री फिर से बढ़ेगी।
आयोजकों की ओर से भी स्थिति को संभालने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्टॉल्स को सुरक्षित रखने और पानी से बचाव के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि नुकसान को कम किया जा सके। आयोजकों का कहना है कि वे मेले को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और आने वाले दिनों में व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाएगा।
बारिश की इस चुनौती के बावजूद, मेले में लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है। लोग लगातार यहां पहुंच रहे हैं और किताबों की खरीदारी कर रहे हैं। यह मेला न केवल ज्ञान और शिक्षा को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों को भी एक नया आयाम दे रहा है।
कुल मिलाकर, धनबाद का यह पुस्तक मेला जहां एक ओर लोगों को साहित्य से जोड़ने का काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक बाधाओं से जूझते हुए भी अपनी पहचान बनाए रखने में जुटा हुआ है।












