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छत्तीसगढ़- गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए जिला प्रशासन नें जारी किए दिशानिर्देश !!!

छत्तीसगढ़ : प्रतिनिधि

बिलासपुर, छत्तीसगढ़- छत्तीसगढ़ प्रदेश के बिलासपुर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजीव झा नें गणेश पर्व के समापन पर नदी तालाबों में आयोजित गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए गाइडलाइन जारी किए हैं।

उन्होंने कहा है कि अत्यधिक मूर्ति विसर्जन से जल स्त्रोतों की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिसके फलस्वरूप ना केवल जलीय
जीव-जंतुओं की जान को खतरा उत्पन्न होता है, अपितु जल प्रदूषण की स्थिति भी उत्पन्न होती है, लिहाजा आगामी गणेश उत्सव एवं दुर्गा उत्सव पर्व पर जल स्त्रोतों को प्रदूषण से बचानें हेतु मूर्ति विसर्जन शासन के गाईडलाईन अनुसार किया जाना है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन के मुख्य बिन्दु अनुसार नदी और तालाब में विसर्जन पौंड, बन्ड, अस्थायी पौंड का निर्माण किया जाकर मूर्ति एवं पूजा सामग्री जैसे फूल, वस्त्र, कागज एवं प्लास्टिक से बनी सजावट की वस्तुएँ इत्यादि मूर्ति विसर्जन के पूर्व अलग कर ली जाए तथा इसका अपवहन उचित तरीके से किया जाना है, जिससे नदी एवं तालाब में प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके, इसका निर्माण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार पूर्ण कर लिया जाए।

मूर्ति निर्माताओं को मूर्ति निर्माण हेतु लाईसेंस प्रदान करते समय मान्य एवं अमान्य तत्वों की सूची प्रदान की जाए।
यह सुनिश्चित किया जाए कि मूर्तियां केवल प्राकृतिक जैव अपघटनीय ईको फ्रेंडली कच्चे माल से ही बनाई जाए।
मूर्ति निर्माण में प्लास्टर ऑफ पैरिस, प्लास्टिक, थर्मोकोल और बेक्ड क्ले का उपयोग न किया जाए।

मूर्ति के सजावट हेतु सूखे फूल संघटकों आदि और प्राकृतिक रेजिन का इस्तेमाल किया जाए एवं मूर्ति की उँचाई कम से कम रखी जाए।
वेस्ट मटेरियल विसर्जन स्थल पर जलाना एवं फटाके फोड़ना प्रतिबंधित किया जाए।

मूर्ति विसर्जन के दौरान पावर जोन का तेज आवाज में इस्तेमाल करना एवं बेस का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित किया जाए।
बच्चे एवं शराबियों को विसर्जन स्थल में प्रतिबंधित किया जाए एवं तैराकों गोताखोरो के साथ पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल विसर्जन स्थल में तैनात किया जाए।

नगर निगम बिलासपुर द्वारा मूर्ति विसर्जन हेतु स्थल का चयन कर प्रचार-प्रसार करें तथा निर्धारित स्थल पर ही मूर्ति विसर्जन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

गाईडलाईन के नियमों का अवमानना करनें वालों के विरूद्ध कार्यवाही करनें के निर्देश दिए जाए।

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